श्री भक्तामर स्तोत्रं (मूल-शुद्ध उच्चारण)। Bhaktamar Stotram Lyrics

श्री भक्तामर स्तोत्रं (मूल-शुद्ध उच्चारण)। Bhaktamar Stotram Lyrics

Stotra Facts भक्तामर स्तोत्र के रचयिता आचार्य मानतुंग (Manatunga) हैं, जो सातवीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध जैन विद्वान और तपस्वी थे, और उन्होंने यह शक्तिशाली संस्कृत स्तोत्र प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) की स्तुति में रचा था, इस स्तोत्र का दूसरा नाम आदिनाथ स्रोत्र भी है, जिसकी रचना के समय वे कारागार में थे, और इस … Read more

खम्मा खम्मा रुणिचे रा धनिया। Khamma Khamma Lyrics Baba Ramdev ji

खम्मा खम्मा रुणिचे रा धनिया। Khamma Khamma Lyrics Baba Ramdev ji

Bhajan Facts “खम्मा खम्मा रुणिचे रा धनिया“ (Khamma Khamma Runiche Ra Dhaniya) यह एक लोक भजन है जो सदियों से लोक परंपरा का हिस्सा रहा है। हरजी भाटी जैसे संत-कवियों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और रामदेव जी के बारे में महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे, जिनसे ये भजन प्रेरित हैं। ये भजन बाबा रामदेव जी … Read more

जगन्नाथाष्टकम् स्तोत्रं अर्थ सहित- Jagannath Ashtakam Stotram Lyrics

जगन्नाथाष्टकम् स्तोत्रं अर्थ सहित- Jagannath Ashtakam Stotram Lyrics

जगन्नाथ अष्टकम की रचना धर्मगुरु आदि शंकराचार्यजी (Adi Shankaracharya) ने की थी। उन्होंने पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के दौरान इस अत्यंत पवित्र और भावपूर्ण स्तुति की रचना की थी। यह स्तोत्र आठ श्लोकों में भगवान जगन्नाथ के दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। और इसे चैतन्य महाप्रभु जी ने गाया जब वह जगन्नाथ … Read more

लिंगाष्टकम् स्तोत्रम्- Lingashtakam Stotram Lyrics

लिंगाष्टकम् स्तोत्रम्- Lingashtakam Stotram Lyrics

लिंगाष्टकम की रचना आदि शंकराचार्य जी ने की थी। यह भगवान शिव के लिंग रूप की स्तुति में एक भक्ति भजन है, जिसमें कुल आठ श्लोक हैं। यह भगवान शिव के लिंग रूप की महिमा का वर्णन करता है, जो ब्रह्मांड का प्रतीक है। Read in – Bengali लिंगाष्टकम् स्तोत्रम् ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगंनिर्मलभासित शोभित लिंगम् ।जन्मज … Read more

श्री कुलदेवी स्तोत्रं। Sri Kuldevi Stotram

श्री कुलदेवी स्तोत्रं। Sri Kuldevi Stotram

प्रत्येक घराणे की एक कुलदेवी/कुलदैवता होता है। अधिकांश घरों में विवाह, उत्सव, व्रत, मंगलकार्य आदि बड़े कार्यक्रमों मे कुलदेवी के दर्शन करने जाना एक महत्वपूर्ण भाग होता है। कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं … Read more

जगदम्बा थे तो आकर ओढ़ो (Jagdamba The To Aakar bhajan Lyrics)

जगदम्बा थे तो आकर ओढ़ो  (Jagdamba The To Aakar bhajan Lyrics)

भजन : जगदम्बा थे तो आकर ओढ़ो ऐ, जगदम्बा थे तो,आकर ओढ़ो ऐ,हे म्हारी मात भवानी,आकर ओढ़ो ऐ,थारा सेवक ल्याया,तारा री चुनड़ी,थारा बालक ल्याया,तारा री चुनड़ी।। सुहागण मिल चाव से बांधी ऐ,मनड़े री पेटी में या आई चुनड़ी,जगदंबा थे तो,आकर ओढ़ो ऐ,थारा सेवक ल्याया,तारा री चुनड़ी।। सुहागण मिल चाव से बांधी ऐ,मनड़े री पेटी में … Read more

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला -श्री राम स्तुति (Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics – Shri Ram Stuti)

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला -श्री राम स्तुति (Bhaye Pragat Kripala Din Dayala Lyrics – Shri Ram Stuti)

“भए प्रगट कृपाला दीन दयाला” स्तुति गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के बालकांड से ली गई है. यह भगवान श्री राम के जन्म के समय उनके अद्भुत बालरूप का वर्णन करती है. Read in – English स्तुति : भए प्रगट कृपाला दीन दयाला (Shri Ram Stuti) ॥ छंद: ॥ भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,कौसल्या हितकारी ।हरषित … Read more

आदित्य हृदय स्तोत्रं । Aditya Hridaya Stotra

आदित्य हृदय स्तोत्रं । Aditya Hridaya Stotra

आदित्य हृदय स्तोत्रं जो भगवान सूर्य को समर्पित एक प्राचीन स्तोत्र है , यह स्तोत्र ऋषि अगस्त्य मुनि द्वारा लिखा गाया है।आदित्य हृदय स्तोत्रं वाल्मीकि रामायण के युद्धकाण्ड (काण्ड – ६) में वर्णित है। यह स्तोत्र सूर्य देव की उपासना है। इसके नित्य पाठ से मानसिक पीड़ा, तनाव, हृदय रोग, शत्रु भय और असफलताओं से … Read more

श्री हनुमान चालिसा लीरिक्स । Hanuman Chalisa Lyrics

হনুমান চালীসা বাংলা (Hanuman Chalisa Lyrics In Bengali)

हनुमान चालीसा को 16 वीं शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था। यह भगवान हनुमान को समर्पित एक अवधी भाषा की काव्यात्मक रचना है, इस कृति में 43 छंद हैं – दो परिचयात्मक दोहे , 40 चौपाई और अंत में एक दोहा। हनुमान चालीसा में कुल 418 शब्दों का प्रयोग किया गया है. हनुमान चालीसा … Read more

रूणीचे रा धणियाँ अजमाल जी रा कँवरा (Runiche Ra Dhaniya Ajmal Ji Ra Kavra Lyrics)

रूणीचे रा धणियाँ अजमाल जी रा कँवरा (Runiche Ra Dhaniya Ajmal Ji Ra Kavra Lyrics)

भजन : रूणीचे रा धणियाँ अजमाल जी रा कँवरा ।। दोहा ।।जब भार बढ्यो धरती पर , हरी लियो अवतार ।पापी दुष्टांने मारीया , निकळंक नेजाधार ।। हे रूणीचे रा धणियाँ,अजमाल जी रा कँवरा,माता मेणादे रा लाल,राणी नेतल रा भरतार,म्हारो हेलो,सुणो नी रामा पीर जी ॥ घर – घर होवे पूजा थांरी,गाँव – गाँव जस … Read more