श्री भक्तामर स्तोत्रं (मूल-शुद्ध उच्चारण)। Bhaktamar Stotram Lyrics
Stotra Facts भक्तामर स्तोत्र के रचयिता आचार्य मानतुंग (Manatunga) हैं, जो सातवीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध जैन विद्वान और तपस्वी थे, और उन्होंने यह शक्तिशाली संस्कृत स्तोत्र प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) की स्तुति में रचा था, इस स्तोत्र का दूसरा नाम आदिनाथ स्रोत्र भी है, जिसकी रचना के समय वे कारागार में थे, और इस … Read more
